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अमेरिका का चीन से निवेश वापसी का निर्णय, प्रतिबंध के लिए सीनेट में पेश किया बिल

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोनावायरस को लेकर चीन पर हमलावर होते हुए गुरुवार (14 मई) को अपने निवेश को वापस लेने का निर्णय लिया है। इस तरह कोरोनावायरस वैश्विक महामारी के बीच अमेरिका और चीन के कूटनीतिज्ञ संबंध बेहद बुरे दौर में पहुँच गए हैं।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की कि उनके प्रशासन ने चीन से अरबों डॉलर के अमेरिकी पेंशन फंड निवेश को वापस लेने का निर्णय किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने गुरुवार को फॉक्स बिज़नेस से कहा, “हाँ मैंने चीन से अरबों डॉलर का निवेश वापस ले लिया है।”

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने छह देशों के विदेश मंत्रियों के साथ बात करके चीन पर दबाव बनाने की योजना बनाई है। इसी बीच अमेरिका की सीनेट में एक बिल पेश किया गया है। यदि यह पास हो गया तो चीन पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

अमेरिका के नौ सांसद कांग्रेस में एक बिल लेकर आए हैं, जो राष्ट्रपति को चीन पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार देगा। अगर ऐसा हो गया तो वह चीन को 60 दिनों के अंदर कोविड-19 को लेकर जाँच में सहयोग करने के लिए कह सकेगा।

उधर, चीन लगातार कह रहा है कि कोरोनावायरस वुहान की लैब से नहीं निकला है। इस पर अमेरिका का कहना है कि यह वन्यजीव बाज़ार से निकला है। अमेरिका चाहता है कि इस बाज़ार को बंद कर दिया जाए क्योंकि वहाँ से अब तक चार वायरस की उत्पत्ति हो चुकी है।