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अमेरिका ने आईएस-के के ठिकानों पर ड्रोन से किया हमला, 13 सैनिकों का लिया बदला

काबुल हवाई अड्डे पर हुए आतंकी विस्फोट में अपने 13 सैनिकों को खोने वाले अमेरिका ने दहशतगर्दों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए अपना बदला ले लिया। यूएस सेना ने अफगानिस्तान में आईएस-के के ठिकानों पर ड्रोन से हमले किए। यह जानकारी शनिवार (28 अगस्त) को पेंटागन ने दी।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन बिल अर्बन ने कहा, “अमेरिकी सैन्य बलों ने आईएस-के के विरुद्ध आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया। मानव रहित हवाई हमला नानगहर प्रांत में किया गया। शुरुआती संकेत दर्शाते हैं कि लक्ष्य को मार गिराया गया है। हमले में किसी नागरिक के हताहत होने की जानकारी नहीं है।”

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के सलाहकारों का मानना है कि काबुल में एक और आतंकी हमला हो सकता है। उन्होंने कहा, “खतरा अब भी कायम है और यह सक्रिय है। हमारे सैनिक अब भी खतरे में हैं।”

व्हाइट हाउस और पेंटागन ने चेतावनी जारी कि अमेरिकी बलों की वापसी और एयरलिफ्ट की प्रक्रिया की समाप्ति की तिथि का अंतिम समय पहले से और भी चुनौतीपूर्ण और खतरनाक होने वाला है। अमेरिका अब तक एक लाख से अधिक लोगों को अफगानिस्तान से बाहर निकाल चुका है, जिनमें उसके अपने नागरिकों के साथ ही सहयोगी देशों और अफगान के नागरिक भी सम्मिलित हैं।

बता दें कि इस्लामिक स्टेट-खुरासान ने काबुल एयरपोर्ट के बाहर हुए हमलों की ज़िम्मेदारी ली थी। उसने कहा था कि हमने अमेरिकी सैनिकों और उनके अफगान सहयोगियों को निशाना बनाया था। इस आत्मघाती बम विस्फोट में 169 अफगान और 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे।