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अमेरिकी राजदूत की ताइवान यात्रा पर चीन बोला, “आग से खेले तो खुद जल जाओगे”

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में अपनी राजदूत केली क्राफ्ट को ताइवान भेजने के संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) के फैसले ने चीन को परेशान कर दिया है। इसके लिए उसने चेतावनी दी कि वॉशिंगटन अपनी गलत कार्रवाई के लिए भारी कीमत चुकाएगा।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, राजदूत क्राफ्ट 13-15 जनवरी से ताइवान का दौरा करेंगी। वह वहां के वरिष्ठ समकक्षों और राजनयिक समुदाय के सदस्यों के साथ बैठक करेंगी। यूएस मिशन द्वारा यूएन को जारी किए गए आधिकारिक बयान के अनुसार, राजदूत क्राफ्ट ताइवान के अंतरराष्ट्रीय प्रसार के लिए अमेरिका के समर्थन को मजबूत करेंगी।

इसी के जवाब में यूएन को चीनी मिशन ने कहा, “बीजिंग राजदूत क्राफ्ट की इस यात्रा का दृढ़ता से विरोध करता है। ताइवान चीन के क्षेत्र का एक अटूट हिस्सा है। पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना एकमात्र कानूनी सरकार है, जो पूरे चीन का प्रतिनिधित्व करती है।”

चीन के स्थायी मिशन के एक प्रवक्ता ने यूएन से कहा, “चीन मजबूती से अमेरिका को अपने पागलपन वाले उकसावे को रोकने के लिए कहता है। अमेरिका ताइवान के प्रश्न पर राजनीतिक हेरफेर के माध्यम से चीन के प्रमुख हितों को नुकसान पहुँचाने की अपनी कोशिशों में सफल नहीं हो पाएगा। हम अमेरिका को याद दिलाना चाहते हैं कि जो कोई भी आग से खेलेगा, वह खुद जल जाएगा।”

प्रवक्ता ने कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका अपनी गलत कार्रवाई के लिए भारी कीमत चुकाएगा।”