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अफगानिस्तान के हालात पाक के तालिबान को सुरक्षित शरण देने से बिगड़े- अमेरिका

भारत के कई वर्ष एक ही बात दोहराने के बाद अमेरिका ने भी गुरुवार (15 अप्रैल) को माना कि अफगानिस्तान में तालिबान की जड़ें जमाने के पीछे पाकिस्तान का बड़ा हाथ है। एक वरिष्ठ अमेरिकी सांसद ने कहा, “इमरान खान के नेतृत्व वाले देश के शरण देने की वजह से ही हालत इतने बिगड़े हैं।”

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, सीनेट आर्म्ड सर्विस कमेटी के अध्यक्ष जैक रीड ने संसद में कहा, “तालिबान के सफल होने का मुख्य कारण पाकिस्तान में उन्हें मिल रही सुरक्षित शरण है, जिसे अमेरिका खत्म करने में विफल रहा है।”

एक अध्ययन का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “आईएसआई जैसे संगठनों के माध्यम से वहाँ की सरकार को समर्थन मिलना तालिबान के युद्ध को जारी रखने के लिए ज़रूरी है। जैसा कि अफगान स्टडी समूह (कांग्रेस के निर्देश के तहत कार्यरत) ने कहा कि आतंकवाद के लिए पाकिस्तान की शरण जरूरी है।”

रीड ने कहा, “2018 के आँकलन के मुताबिक, पाकिस्तान ने उन्हें प्रत्यक्ष सैन्य और खुफिया सहयोग प्रदान किया। इसकी नतीजा यह निकला कि अमेरिकी सैनिक, अफगान सुरक्षा बल के जवान व नागरिक मारे गए और वहाँ बड़ी तबाही हुई। पाकिस्तान द्वारा तालिबान को यह समर्थन अमेरिका के सहयोग का विरोधाभासी है।”

अफगान स्टडी समूह का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “पाकिस्तान ने दोनों ओर फायदा उठाने की कोशिश की। पाकिस्तान इन सबके साथ खुद भी कमजोर हो रहा है और परमाणु हथियार संपन्न होने के कारण यह खतरनाक है। अफगानिस्तान से सैनिकों की वापसी के पीछे एक वजह यह है कि हम ऐसी सरकार का गठन नहीं करा सके, जो जनता का विश्वास हासिल कर सके।”