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प्रवासी श्रमिकों को बिना कार्ड भी मिलेगा मुफ्त अनाज, कम किराए पर आवास

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार (14 मई) के संबोधन में प्रवासी श्रमिकों की समस्या पर बात की। उन्होंने बताया कि 13 मई तक 14.62 करोड़ कार्य दिवस उत्पन्न किए गए। मनरेगा से जुड़ने वाले लोग पिछले साल इसी समये से 40-50 प्रतिशत अधिक हैं। इसपर अब तक 10,000 करोड़ रुपये का खर्च किए गए हैं।

प्रवासी श्रमिकों को अगले दो माहों तक मुफ्त अनाज मिलेगा। जिनके पास कोई कार्ड नहीं है, उन्हें भी प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलोग्राम चावल या गेहूँ और 1 किलोग्राम चना प्रति परिवार मिलेगा। इससे 8 करोड़ लोगों को लाभ पहुँचने की अपेक्षा है और अगले दो माहों में इस योजना पर भारत सरकार 3,500 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

तकनीक आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) विकसित करके एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना के अधीन अगस्त 2020 तक 67 करोड़ लाभार्थियों को लाया जाएगा और मार्च 2021 तक सभी लाभार्थी इसके अधीन आ जाएँगे।

कम किराए पर प्रवासी श्रमिकों और शहरी गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास व्यवस्था मिलेगी।