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सरकारी विभागों के लिए यूपीएससी ने निजी क्षेत्रों से की नौ संयुक्त सचिवों की नियुक्ति

लेटरल एंट्री के तहत निजी क्षेत्र के नौ विशेषज्ञों को केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में संयुक्त सचिव के पदों पर तैनाती के लिए चुना गया। नौकरशाही में सुधार लाने के उद्देश्य से यूपीएससी ने इस तरह की यह पहली भर्तियाँ की हैं।

इकनॉमिक्स टाइम्स  की रिपोर्ट के अनुसार, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने पिछले साल जून में इसके लिए आवेदन स्वीकार किए थे। इसमें सरकार को 6077 आवेदन मिले थे।

राजनायिकों, पुलिस अधिकारियों, नौकरशाहों के चयन के लिए सिविल सेवा परीक्षा आयोजित करवाने वाली संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को दिसंबर 2018 में मंत्रालय ने इन पदों पर उम्मीदवारों के चयन की जिम्मेदारी सौंपी थी।

चुने गए नौ विशेषज्ञों में एम्बर दुबे (नागरिक उड्डयन), अरुण गोयल (वाणिज्य), राजीव सक्सेना (आर्थिक मामले), सुजीत कुमार बाजपेयी (पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन), सौरभ मिश्रा (वित्तीय सेवाएं), दिनेश दयानंद जगदाले (नई और नवीकरणीय ऊर्जा) हैं ), सुमन प्रसाद सिंह (सड़क परिवहन और राजमार्ग), भूषण कुमार (शिपिंग) और कोकोली घोष (कृषि, सहयोग और किसान कल्याण) शामिल हैं।

नीति आयोग ने एक रिपोर्ट में कहा था कि यह ज़रूरी था कि लेटरल एंट्री के तहत विशेषज्ञों को सिस्टम में शामिल किया जाए। समय-समय पर अलग-अलग क्षेत्रों से इन विशेषज्ञों को शामिल करने के लिए आवदेन मंगवाए गए थे। इसका मकसद नौकरशाही को गति देना और निजी क्षेत्र से लोगों के लाभ के लिए विशेषज्ञ भी मिल सकें।