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योगी सरकार की आबकारी नीति में संशोधनों के बाद संग्रह में 48 प्रतिशत की बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राज्य की आबकारी नीति में किए गए संशोधनों के बाद उत्तर प्रदेश में शराब की बिक्री से आबकारी संग्रह पिछले वर्ष की तुलना में 48 प्रतिशत तक बढ़ गया है।

द इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2018 में पड़ोसी राज्यों के समान मूल्य निर्धारित करने के लिए अनिवार्य रूप से डिस्टिलर और ब्रुअर्स में बदलाव किए गए थे। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “नीतिगत हस्तक्षेप से अप्रैल 2018 से जनवरी 2019 के दौरान 47.84 प्रतिशत (12,652.87 करोड़ रुपये से लेकर 18,705.61 करोड़ रुपये) तक आबकारी आमदनी में बढ़ोतरी हुई है।”

यह रिपोर्ट बताती है कि पिछली सरकारों के तहत राज्य में प्रमुख निजी शराब फर्मों को पूर्व-डिस्टिलरी मूल्य (ईडीपी) / एक्स ब्रेवरी मूल्य (ईबीपी) को अपने विवेक के अनुसार तय करने का अधिकार दिया था। इससे उत्तर प्रदेश और उसके पड़ोसी राज्यों में शराब की कीमतों में बड़े पैमाने पर विसंगतियां आई थीं। 

इन दरों के अतिरिक्त निर्धारण ने शराब के कारोबार में शामिल निजी संस्थाओं को मुनाफा कमाने में मदद की थी। इससे शराब की बिक्री घटी थी और राज्सव का भी नुकसान हुआ था।