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योगी आदित्यनाथ सरकार 10 लाख प्रवासी श्रमिकों को वापस अपने घर लाने की तैयारी में

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार शनिवार और रविवार (25-26 अप्रैल) को हरियाणा से 12,200 प्रवासी कामगारों को वापस अपने राज्य लाई। 25 मार्च से दूसरे राज्यों में फँसे अपने 10 लाख प्रवासी मजदूरों को अब सरकार वापस लाने की तैयारी में लगी हुई है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार (29 अप्रैल) को पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश से सहस्रों प्रवासी श्रमिक उप्र लौटने के लिए तैयार हैं। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, पंजाब, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, बिहार, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में फंसे प्रवासियों को वापस लाने के लिए अगले दो सप्ताह में इसी तरह के अभियान की योजना बनाई गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार (28 अप्रैल) को सभी जिलों को 15,000-25,000 लोगों को घर देने की क्षमता वाले आश्रय और पृथक केंद्र स्थापित करने के आदेश जारी किए। राज्य सरकार की मंशा कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए बाहर से आए लोगों को 14 दिन पृथक केंद्रों में रखने की है।

रिपोर्ट के अनुसार, अपने राज्य लौटने वालों में कोविड-19 के लक्षणों का पता लगाने के लिए उन्हें 15 दिन के लिए सरकारी सुविधाओं वाले पृथक केंद्रों में रखा जाएगा, जब तक उनका अपने परिवार में वापस जाना सुरक्षित नहीं माना जाता है। जिन लोगों में सर्दी, बुखार और सांस की तकलीफ जैसे लक्षण मिल रहे हैं, उन्हें अस्पताल में रखा जाएगा।