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उत्तर प्रदेश सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का पाँच वर्ष का लक्ष्य तीन वर्षों में किया पूरा

एक सकारात्मक विकास में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र के लिए पाँच साल के लक्ष्य को सिर्फ तीन वर्षों में ही सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया। यह लक्ष्य 20,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश को आकर्षित करता है और 3 लाख लोगों के लिए रोजगार के मौके पैदा करता है।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा, “कोविड-19 के दौरान इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से लाई गईं नीतियों के कारण दक्षिण कोरिया, ताइवान और चीन की कई कंपनियों ने यहाँ निवेश करने में रुचि दिखाई है।”

राज्य सरकार ने 20,000 करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने और 2022 तक इस क्षेत्र में तीन लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य निर्धारित किया था।

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक ढाँचे एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टंडन ने कहा, “हमें 20,000 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य हासिल करना था और 2022 तक तीन लाख लोगों को रोजगार देना था लेकिन इसे दो साल पहले ही हासिल कर लिया गया। राज्य की आकर्षक नीतियों की वजह से 30 निवेशक इस क्षेत्र में निवेश करने के लिए तैयार हुए।”

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए हब के रूप में उभरे हैं। दरअसल, दक्षिण कोरिया की बड़ी कंपनी सैमसंग ने भी नोएडा में दुनिया की सबसे बड़ी स्मार्टफोन निर्माण इकाई की स्थापना की है।