समाचार
रायबरेली में कमला नेहरू एजुकेशनल सोसाइटी ने किया भूमि घोटाला, 12 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश पुलिस ने रायबरेली में कमला नेहरू एजुकेशनल सोसाइटी को 2001 में सरकारी भूमि पट्टे पर देने के मामले में कई अनियमितताओं का खुलासा किया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में 12 लोगों, जिसमें सोसायटी के पूर्व कर्मचारियों, राजस्व अधिकारियों और तत्कालीन अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) शामिल हैं को सरकारी दस्तावेज़ों से छेड़छाड़ करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के आरोप में गिरफ्तार किया।

इनमें तत्कालीन एडीएम मदन पाल आर्य, राजस्व विभाग के तत्कालीन रजिस्ट्रार घनश्याम, राजस्व लिपिक राम कृष्ण श्रीवास्तव और कलेक्ट्रेट में प्रशासनिक अधिकारी विंध्यवासिनी प्रसाद शामिल हैं।

गिरफ्तार किए गए सोसायटी सदस्यों में सचिव सुनील देव, एक ट्रस्टी (तत्कालीन अध्यक्ष) सुनील कुमार और विक्रम कौल शामिल हैं, जो दिवंगत कांग्रेस सांसद शीला कौल के बेटे हैं।

यह मामला तब सामने आया, जब एडीएम (वित्त और राजस्व) प्रेम प्रकाश उपाध्याय ने शिकायत दर्ज करवाई। रायबरेली के अहमदपुर गाँव में भूमि को अवैध रूप से कमला नेहरू एजुकेशनल सोसाइटी को राजस्व विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से फ्रीहोल्ड संपत्ति के रूप में सौंप दिया गया था।

रायबरेली से कांग्रेस की बागी विधायिका अदिति सिंह ने कहा, “मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मामले की जाँच करवाने और दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाने के लिए धन्यवाद देना चाहूँगी। ट्रस्ट में विक्रम कौल और सलमान खुर्शीद के सदस्य होने के साथ गांधी परिवार का बहुत बड़ा हाथ है। लड़कियों की शिक्षा के लिए भूमि आवंटित की गई थी लेकिन इस उद्देश्य के लिए इसका उपयोग नहीं किया गया था।”