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बाराबंकी में जो मस्जिद गिराई, उसे वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज करने के लिए मामला दर्ज

बाराबंकी पुलिस ने पिछले सप्ताह धवस्त की गई एक मस्जिद को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकृत करवाने के लिए कथित तौर पर धोखाधड़ी और जालसाजी का सहारा लेने के आरोप में सात लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया है।

उत्तर प्रदेश सुन्नी केंद्रीय वक्फ बोर्ड के एक पूर्व निरीक्षक सहित समिति के कुछ सदस्यों के विरुद्ध गुरुवार (20 मई) को मामला दर्ज किया गया था।

बाराबंकी जिला प्रशासन ने बीते दिनों राम सनेही घाट तहसील के बानी कड़ा गाँव में बनी मस्जिद को अवैध ढाँचा बताते हुए ध्वस्त कर दिया था। इसे स्थानीय रूप से गरीब नवाज़ मस्जिद के नाम से भी जाना जाता था।

राम सनेही घाट के थाना प्रभारी सचिदानंद राय के मुताबिक, प्राथमिकी में जिनके नाम दर्ज हैं, उन्होंने फर्जी ढँग से तहसील परिसर में आवास की भूमि को वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज करवाकर अवैध ढाँचा बनवाया था। उन्होंने ऐसा करने के लिए एक समिति बनाई थी। इसको लेकर धोखाधड़ी का मामला 2019 में दर्ज किया गया था।

प्राथमिकी में समिति के अध्यक्ष मुश्ताक अली, उपाध्यक्ष वकील अहमद, सचिव मोहम्मद अनीश, सदस्य दस्तगीर, अफजाल, मोहम्मद नसीम और तत्कालीन यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के इंस्पेक्टर मोहम्मद ताहा को नामजद किया गया है।

शिकायत जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सोनू कुमार ने दर्ज कराई है। उन्होंने कहा, “यह संज्ञान में लाना है कि आरोपियों ने एक समिति बनाई। फिर धोखाधड़ी और जालसाजी के माध्यम से 5 जनवरी 2019 को वक्फ संपत्ति के रूप में ढाँचे को दर्ज करवाया। यह ढाँचा राम सनेही घर तहसील के भीतर है और एसडीएम आवास के सामने है।

इसमें आगे कहा गया, “यह एक षड्यंत्र के तहत किया गया था। इसमें ये लोग और यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के तत्कालीन इंस्पेक्टर मोहम्मद ताहा भी शामिल थे।”