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उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा मस्जिद हमले के आरोप में पूर्व सेना डॉक्टर आलम गिरफ्तार

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार पूर्व सैन्य अधिकारी, डॉक्टर अशफाक आलम को उत्तर प्रदेश के आतंक विरोधी दस्ते (एटीएस) द्वारा हैदराबाद से गिरफ्तार कर कुशीनगर मस्जिद धमाके मामले में पूछताछ के लिए लखनऊ ले जाया गया है।

डॉक्टर आलम मस्जिद धमाके के समय कुशीनगर में ही थे और उनके ऊपर सबूतों से छेड़छाड़ और आपराधिक साजिश का आरोप है। अशफाक आलम इस मामले से जुड़ी छठी गिरफ्तारी है।

डॉक्टर इस मामले के मुख्य आरोपी हाजी कुतुबुद्दीन का पोता है। हाजी कुतुबुद्दीन जिसके ऊपर आरोप है कि उसने एक बैग में भरकर विस्फोटक मस्जिद के अंदर पहुँचाया था।

आपको बता दें कि डॉक्टर 2017 तक सैन्य चिकित्सा दल का हिस्सा था जिसके बाद उसने सिविल सेवा परीक्षा के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी।

उत्तर प्रदेश पुलिस एटीएस के अतिरिक्त डीजीपी ध्रूव ठाकुर ने कहा, “डॉक्टर आलम ने उत्तर प्रदेश पुलिस को सूचित किया कि इनवर्टर बैटरी के लघु परिपथ (शॉर्ट सर्किट) के चलते मस्जिद में बम धमाका हुआ और पुलिस के पहुँचने के पहले डॉक्टर एवं कुतुबुद्दीन भाग निकले।”

फोरेंसिक रिपोर्ट ने इस बात की पुष्टि की धमाका मस्जिद में रखे विस्फोटक की वजह से हुआ, इनवर्टर बैटरी में शॉर्ट सर्किट से नहीं।

उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार कुतुबुद्दीन पर सांप्रदायिक दंगे भड़काने के अलावा भी अन्य कई आरोप हैं।

द हिंदू को दिए साक्षात्कार में कुशीनगर के पुलिस एसपी, विनोद कुमार मिश्रा ने कहा कि कुतुबुद्दीन ने 10 किलोग्राम के कम तीव्रता वाले विस्फोटक पहले ही अप्रैल माह में मस्जिद में लाकर रख दिए थे।

यह धमाका सोमवार को बैरागी पट्टी इलाके में हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार धमाका इस हद तक खतरनाक था कि जिससे मस्जिद के दरवाजे और खिड़कियाँ चूर-चूर हो गई थीं।

पूछताछ के दौरान पुरोहित, मौलाना अजमुद्दीन ने कुबूल किया कि उसने और कुछ लड़कों ने मिलकर मस्जिद में विस्फोटक रखे थे।