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योगी आदित्यनाथ पर झूठे आरोप लगाने वाले परवेज़ परवाज़ को गैंगरेप मामले में उम्रकैद

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की जिला सत्र अदालत ने सामाजिक कार्यकर्ता परवेज़ परवाज़ को दो वर्ष पुराने सामूहिक दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराया और उसे आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, 3 जून 2018 को परवेज़ पर एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर 40 वर्षीय महिला से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगा था। शिकायतकर्ता एक सब्जी विक्रेता है, जिसने आरोप लगाया था कि महिला वैवाहिक समस्याओं का उपचार ढूंढ़ने के लिए 3 जून 2018 को जुम्मन बाबा के घर गई थी। आरोपी उसे एक अलग जगह फुसलाकर ले गया और बंदूक की नोक पर एक व्यक्ति के साथ बलात्कार किया। उस व्यक्ति को जुम्मन ने परवेज़ भाई कहकर बुलाया था।

उन्हें बाद में सितंबर 2018 में गिरफ्तार किया गया था। सरकारी वकील यशपाल सिंह ने रिपोर्ट में कहा, “जिला और सत्र न्यायाधीश गोविंद वल्लभ शर्मा ने मंगलवार को दो आरोपियों परवेज़ परवाज़ और महमूद उर्फ ​​जुम्मन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया और आदेश दिया कि जुर्माने से 40,000 रुपये पीड़िता को दिए जाएँ।

परवेज़ वही है, जिसने 2007 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में कथित घृणास्पद भाषण के लिए योगी आदित्यनाथ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। उन पर गोरखपुर की तत्कालीन महापौर अंजू चौधरी और विधायक राधा मोहन अग्रवाल के साथ एक दशक पुराने मामले में दंगे के लिए भीड़ को उकसाने का आरोप लगाया था।

मई 2017 में उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले में मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने की स्वीकृति नहीं दी थी। इसके बाद याचिकाकर्ता ने 2018 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। हालाँकि, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने योगी आदित्यनाथ के खिलाफ परवाज़ द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया था क्योंकि उसने उत्तर प्रदेश सरकार को आदित्यनाथ पर मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं दी थी।