समाचार
उत्तर प्रदेश- प्रवासियों के लिए स्पोर्ट्स सिटी और चिकित्सकों के लिए चार होटल अधिग्रहित

उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार (29 मार्च) को यमुना एक्सप्रेस-वे स्थित जेपी स्पोर्ट्स इंटरनेशनल लिमिटेड (जेपीएसआई) स्पोर्ट्स सिटी को दिल्ली से पलायन कर रहे प्रवासी कामगारों के आश्रय गृह के रूप में नामित किया है।

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, जेपीएसएल स्पोर्ट्स सिटी 2500 एकड़ में फैली हुई है। इसकी अन्य इमारतों को आश्रय घरों के रूप में डिजाइन किया गया है। अधिकारियों ने इसमें चिकित्सा उपचार, भोजन और रहने जैसी सुविधाओं की व्यवस्था की है। इसका उपयोग गौतमबुद्धनगर में मौजूद बेसहारा लोग, जो अपने घर नहीं जा पा रहे हैं, उनके आवास के तौर पर किया जाएगा।

गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी (डीएम) बीएन सिंह ने दैनिक वेतन भोगी और प्रवासी श्रमिकों के शनिवार (28 मार्च) को दिल्ली से अपनी आजीविका पर अनिश्चितता के साए के बीच घरों को पलायन करने के बाद इस ओर कदम उठाने की घोषणा की थी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रवासी श्रमिकों की स्थिति की समीक्षा के लिए आगरा एक्सप्रेस-वे का दौरा किया और उनका हालचाल जाना।

इसके अलावा, लखनऊ प्रशासन ने सोमवार को चार बड़े होटलों का अधिग्रहण किया गया। इनमें कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे चिकित्सा और अर्ध-चिकित्सा कर्मचारियों के लिए पृथक केंद्र बनाए जाएँगे। इनमें हायत, मैरियट, पिकैडली और लेमन ट्री होटल शामिल हैं।

होटल हायत और मैरियट को राम मनोहर लोहिया चिकित्सा संस्थान के कर्मचारियों के लिए आरक्षित किया जाएगा। पिकैडली और लेमन ट्री एसजीपीजीआई के कर्मचारियों के लिए होगा। ये होटल दो संस्थानों के करीब हैं।

दोनों चिकित्सा संस्थानों ने राज्य सरकार से अपने कर्मचारियों के लिए पृथक केंद्र की सुविधा देने को कहा था, जो पाली और बैचों में काम कर रहे हैं। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान और अवध शिल्प ग्राम को प्रवासी श्रमिकों के लिए भी अधिग्रहित किया गया है।