समाचार
‘सरकारी कॉलेज से चिकित्सक बनने वालों को गाँव में देनी होगी सेवा’- योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों से स्नातक करने वाले हरेक एमबीबीएस  को दो वर्ष तक गाँवों में काम करना अनिवार्य होगा। उन्हें इस संबंध में बॉन्ड पर हस्ताक्षर भी करने होंगे।”

आयुष्मान भारत दिवस की पहली वर्षगाँठ के मौके पर हुए एक समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “परास्नातक करने वाले डॉक्टरों एमडी और एमएस को एक वर्ष के लिए ग्रामीणों क्षेत्रों में अपनी अनिवार्य रूप से सेवाएँ देनी होंगी। हालाँकि, कोई भी सरकार को इंटर्नशिप के लिए मजबूर नहीं करेगा।”

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की सफलता पर प्रकाश डालते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, “इस योजना से करीब 1.18 करोड़ परिवार लाभान्वित हुए हैं। 8.45 लाख परिवारों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लाभ पहुँचाया गया है। राज्य सरकार ने 1.89 लाख लोगों को आयुष्मान स्वर्ण कार्ड भी बाँटे हैं। प्रदेश में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 46.86 लाख स्वर्ण कार्ड बनवाए गए हैं।”

हाल ही में जानकारी मिली थी कि महाराष्ट्र ने एमबीबीएस के 10 प्रतिशत और मेडिकल पोस्ट-ग्रेजुएशन (पीजी) मेडिकल सीटों के लिए 20% प्रतिशत तक आरक्षण देने का प्रस्ताव पास किया है। साथ ही इसके लिए शर्त रखी कि इन डॉक्टरों को क्रमश: पाँच और सात वर्ष तक ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सेवाएँ देनी होंगी। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस प्रस्ताव का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी दूर करना था।