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उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर पहली बार लेगा बेंगलुरु के एयरो इंडिया प्रदर्शनी में हिस्सा

प्रत्येक वैकल्पिक वर्ष में आयोजित की जाने वाली एयरो इंडिया प्रदर्शनी एयरोस्पेस और रक्षा उद्योगों के लिए सबसे प्रमुख प्रदर्शनियों में से एक है। इस वर्ष यह 3 से 5 फरवरी तक बेंगलुरु में आयोजित की जाएगी।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, योगी आदित्यनाथ की अगुआई वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने घोषणा की कि पहली बार राज्य का रक्षा गलियारा कार्यक्रम में भाग लेगा। उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर राज्य में 6 स्थानों पर स्थापित किया जा रहा है, जिसमें झांसी, कानपुर, अलीगढ़, आगरा, लखनऊ और चित्रकूट शामिल हैं।

राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने खुलासा किया कि उनकी टीम तैयार है और कई रक्षा कंपनियों ने रक्षा गलियारे में अपनी इकाइयों को स्थापित करने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।

रिपोर्ट में सरकार के एक प्रवक्ता के हवाले से कहा गया, “एयरो इंडिया प्रदर्शनी-2021 में आगंतुकों को यूपीईडा (रक्षा गलियारा स्थापित करने के लिए नोडल एजेंसी) द्वारा की गई गतिविधियों, नीतियों और वर्तमान निवेशों से अवगत कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर का प्रदर्शन करने के लिए 4 फरवरी को एक सेमिनार भी होगा। इसके अतिरिक्त, 5 फरवरी को 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ लगभग 15 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है।”

अलीगढ़ में 76 हेक्टेयर भूमि पर संभवतः एक रक्षा पार्क बनाया जाएगा। निवेशकों को परियोजना के लिए अलीगढ़ में पूरी प्राप्त की गई भूमि आवंटित की गई है। इसके अतिरिक्त, कॉरिडोर को हस्तांतरित करने के लिए झाँसी में 94 प्रतिशत, कानपुर में 81 प्रतिशत, अलीगढ़ में 92 प्रतिशत और चित्रकूट में 96 प्रतिशत भूमि पहले ही खरीदी जा चुकी है।

भारतीय नौसेना ने उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीईडा) के साथ एक नौसेना प्रौद्योगिकी त्वरण परिषद और एक प्रौद्योगिकी विकास त्वरण सेल (टीडीए) शुरू करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

सरकार के प्रवक्ता ने आगे कहा, “लखनऊ में एचएएल और बीडीएल ने लगभग 250 एकड़ भूमि की मांग की है। साथ ही 5-6 लघु और मध्यम उद्योगों के प्रस्ताव भी प्राप्त हुए हैं। जिला प्रशासन लखनऊ में भूमि की पहचान करने की कोशिश कर रहा है।”