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रोजगार उत्तर प्रदेश के 9 लाख लोगों को, औद्योगिक संस्थाओं से योगी सरकार का समझौता

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में शुक्रवार (29 मई) को 9 लाख लोगों को रोजगार देने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होंगे। उन्होंने कहा, “हर हाथ को काम मिले, इस नीति पर प्रदेश सरकार काम कर रही है।”

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन सहित अन्य औद्योगिक संस्थाओं के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर हो रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेशकों से अपील की कि उनके योगदान से प्रदेश में स्वदेशी वस्तुओं के उत्पादन को गति के साथ बहुत से लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

कोरोनावायरस महामारी से उपजी बेरोजगारी को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश में कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में गठित विभिन्न कमेटियों में से एक कमेटी प्रमुख सचिव समाज कल्याण मनोज सिंह की अध्यक्षता में भी गठित की गई। इसका लक्ष्य प्रदेश के कई जिलों से पलायन कर लौट रहे प्रवासियों के साथ अन्य बेरोजगार दलित कामगारों को स्वत:रोजगार दिलाना है।

प्रमुख सचिव समाज कल्याण मनोज सिंह ने बताया, “ऐसे 1 लाख दलित कामगारों को स्वत: रोजगार से जोड़ने की तैयारी है। केंद्र के विशेष घटक योजना के तहत इन कामगारों को आटा चक्की, लॉन्ड्री, सैलून, टेलरिंग आदि का रोजगार शुरू करने के लिए 50,000 से 1.5 लाख रुपये तक का ऋण बैंकों से उपलब्ध करवाया जाएगा। इसमें 10,000 रुपये की सब्सिडी होगी। 25 प्रतिशत मार्जिन मनी के बाद जो राशि बचेगी, वो बैंक से 4 प्रतिशत ब्याज की दर पर कर्ज होगी।”

इसके अलावा, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत जिस गाँव में प्रवासी लौट रहे हैं। वहाँ इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए प्रति गाँव 20 लाख रुपये दिए जाएँगे, ताकि विकास कार्यों में स्थानीय ग्रामीणों को काम मिल सके। यह पूरी योजना अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम की निगरानी में चलेगी।