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उत्तर प्रदेश में इन 8 लोकसभा सीटों पर नाम घोषित करने से पहले सोच में भाजपा

उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 70 पर उम्मीदवार घोषित करने के बाद, भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व 10 सीटों पर उम्मीदवारों के लिए गहरा विचार-विमर्श कर रहा है। इन 10 सीटों में से दो सीटें मिर्जापुर और रॉबर्ट्सगंज (सु.) सहयोगी दल अपना दल के खाते में चली गई हैं। और बची आठ सीटों पर भाजपा का चिंतन जारी है, लाइव हिंदुस्तान  ने रिपोर्ट किया।

हाल ही में निषाद पार्टी ने भी भाजपा से हाथ मिलाया है, तो पार्टी उन्हें भी सीट देने पर विचार कर रही है। इन आठ लोकसभा सीटों में प्रतापगढ़, अंबेडकर नगर, संत कबीरनगर, जौनपुर, भदोही, गोरखपुर, देवरिया और घोसी चुनावी क्षेत्र शामिल हैं। इनमें से भदोही, जौनपुर और अंबेडकर नगर में से दो चुनावी क्षेत्रों की सीटें निषाद पार्टी को दी जा सकती हैं।

देवरिया सीट के लिए वयोवृद्ध नेता कलराज मिश्र शायद ही टिकट पाएँगे, उनकी जगह पर उन्हीं के जैसे किसी कद्दावर नेता की खोज में भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व जुटा हुआ है। प्रतापगढ़ सीट से रघुराज प्रताप सिंह ने अपनी पार्टी से अक्षय सिंह को प्रत्याशी बनाया है। रघुराज सिंह ने भाजपा के प्रत्याशियों की विधान सभा और राज्यसभा चुनावों में मदद की थी।

झांसी सीट से उमा भारती के चुनाव ना लड़ने के विचार के बाद भाजपा ने इस सीट से अनुराग शर्मा को चुनावी रण में उतारा है। संतकबीर नगर में मौजूदा सांसद शरद त्रिपाठी के भी टिकट देने या ना देने और उनके चुनावी क्षेत्र को बदलने पर भी विचार किया जा रहा है। घोसी संसदीय क्षेत्र पर भी किसी सहयोगी पार्टी को ही टिकट देने पर विचार किया जा रहा है।