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40 घंटे तक जिंदगी से जंग लड़ने के बाद थमीं उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की सांसें

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में दुष्कर्म के बाद जलाई गई युवती की शुक्रवार देर रात दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। करीब 40 घंटे तक जिंदगी से जंग लड़ने के बाद 11.40 बजे ह्रदय गति रुकने से पीड़िता की सांसें थम गईं।

टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल के बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. शलभ कुमार ने बताया, “हमारी कोशिशों के बावजूद पीड़िता को नहीं बचाया नहीं जा सका। शाम को उसकी हालत खराब होने लगी।”

इससे पूर्व अस्पताल के बाहर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए पीड़िता के भाई ने कहा था, “जब मैंने कल अपनी बहन को गले लगाया तो उसने मुझसे बस एक ही बात कही कि मुझे बचा लो, मैं मरना नहीं चाहती हूँ। अब हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आरोपी बचने नहीं चाहिए। उन्हें फाँसी पर लटका देना चाहिए। मैंने बहन को भरोसा दिया है कि कोई भी आरोपी नहीं बचेगा।”

गुरुवार को 23 वर्षीय उन्नाव की युवती रायबरेली में अपने वकीलों से मिलने के लिए जा रही थी, तभी पाँचों आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया, जिसमें से दो उसके साथ दुष्कर्म के आरोपी थे। पहले उसे लाठी-डंडों से पीटा। उसके बाद आग के हवाले कर दिया गया। पीड़िता को जब तक बचाया जाता, तब तक वह 90 प्रतिशत जल चुकी थी। उन्नाव से कानपुर स्थानांतरित होने के बाद आखिर में उसे इलाज के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

हैदाराबाद के एनकाउंटर का उल्लेख कर पीड़िता के भाई ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि बहन तो त्वरित न्याय मिलेगा। दराबाद में जो हुआ वह सही था। मैं अपनी बहन के लिए भी तत्काल न्याय चाहता हूँ। मैं नहीं चाहता कि दो-तीन साल तक यह मामला चले और फिर हमलावर बाहर आज़ाद घूमते नज़र आएँ।”