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उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की जलने के बाद हालत नाजुक, डॉक्टर- “बचने की संभावना कम”

लखनऊ से विमान द्वारा उन्नाव दुष्कर्म उत्तरजीविका को गुरुवार को दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। डॉक्टरों का कहना है कि पीड़िता की हालत बेहद नाजुक है, जिस वजह से उसके बचने की संभावना कम है।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सफदरगंज के चिकित्सा अधीक्षक ने बताया, “उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता 90 फीसदी जल गई है। हम उसे ठीक करने की कोशिश में लगे हुए हैं लेकिन उसकी स्थिति गंभीर है। शरीर के बुरी तरह जलने की वजह से बहुत से अंगों के शिथिल होने का खतरा बढ़ गया है। उसके बचने की संभावना कम है।” 23 साल की पीड़िता को गुरुवार को लखनऊ के सिविल अस्पताल से स्थानांतरित किया गया था।

पुलिस के अनुसार, 5 आरोपियों की पहचान शुभम, शिवम, हरिशंकर, उमेश और राम किशोर के रूप में हुई है, जिन्होंने पीड़िता के ऊपर केरोसीन डालकर उसे जिंदा आग के हवाले कर दिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मामले में संज्ञान लेते हुए पीड़िता को इलाज में हर संभव सहायता और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे।

पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) प्रवीण कुमार ने बताया, “पीड़िता वकील से मिलने रायबरेली जा रही थी। गुरुवार तड़के 4 बजे वह ट्रेन पकड़ने बैसवारा स्टेशन निकली थी, जहाँ शिवम और शुभम ने अपने तीन साथियों के साथ उसे आग लगा दी। पाँचों आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें से दो ने पिछले साल पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था। “