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धर्मेंद्र प्रधान पेट्रोल और डीज़ल के मूल्य कम करने हेतु जीएसटी के दायरे में लाने के पक्ष में

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पेट्रोल-डीज़ल के मूल्य कम करने के लिए उसे वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में आना चाहिए, टीओआई  ने रिपोर्ट किया।

उन्होंने बल देकर कहा कि कच्चे तेल का मूल्य विश्व-स्तर पर बढ़ रहा है। भारत में पेट्रोल और डीज़ल के मूल्यों में वृद्धि के पीछे यह एक कारण है। हालाँकि, उन्होंने जीएसटी परिषद पर एक आम सहमति बनाने और सामूहिक रूप से इसके दायरे में तेल को लाने पर निर्णय लेने के लिए अपना पक्ष रखा।

केंद्रीय मंत्री ने सोमवार (7 जून) को गांधीनगर की अपनी यात्रा के दौरान कहा था, “इसकी कीमत वैश्विक बाज़ार द्वारा नियंत्रित होती है। एक क्षेत्र के प्रभारी के रूप में मेरी राय है कि पेट्रोल-डीज़ल को जीएसटी के अंतर्गत लाया जाना चाहिए। हालाँकि, यह तभी होगा, जब जीएसटी परिषद के सदस्य इस पर आम सहमति पर पहुँचेंगे। उनके सामूहिक निर्णय पर ही सब निर्भर है।”

धर्मेंद्र प्रधान ने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का मूल्य 70 डॉलर प्रति बैरल के आँकड़े को पार कर गई है। इसके अलावा, भारत अपनी कुल तेल आवश्यकता का 80 प्रतिशत आयात करता है। मंत्री ने दावा किया कि इस कारण यह उपभोक्ताओं को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है।