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शिक्षा मंत्रालय हुआ मानव संसाधन विकास मंत्रालय, नई नीति में प्राथमिक शिक्षा पर ज़ोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय करने का फैसला लिया गया। साथ ही बैठक में 34 साल बाद नई शिक्षा नीति को स्वीकृति दी गई।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने प्रस्ताव दिया था कि मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया जाए। बैठक में कैबिनेट ने इस फैसले पर स्वीकृति दे दी। इसके साथ पूरे उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए एक ही नियामक संस्था होगी, ताकि अव्यवस्थाओं को समाप्त किया जा सके।

शिक्षा मंत्रालय ने प्राथमिक स्तर पर मुहैया कराई जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए एक नए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम का ढाँचा तैयार करने पर ज़ोर है। इसमें अलग-अलग भाषाओं के ज्ञान, 21वीं सदी के हिसाब से कौशल, कला और वातावरण से जुड़े मुद्दों को शामिल किए जाने पर ध्यान दिया जाएगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस वर्ष के बजट में नई शिक्षा नीति की घोषणा की थी। इसके तहत देश में शिक्षा के मायनों को बदला जाएगा। इससे न केवल युवाओं को शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे बल्कि रोजगार हासिल करने में भी आसानी होगी।

उधर, राष्ट्रीय पुलिस विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय फॉरेंसिक विश्वविद्यालय का प्रस्ताव भी लाया जा रहा है। टॉप 100 विश्वविद्यालयों में पूरी तरह से ऑनलाइन शिक्षा कार्यक्रमों को शुरू करने की योजना तैयार हो रही है।