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यूके सरकार जलियांवाले बाग़ हत्याकांड पर क्षमाप्रार्थी नहीं, ले सकती है ज़िम्मेदारी

जलियांवाला बाग़ हत्याकांड पर यूके की ब्रिटिश सरकार ने इसके लिए माफ़ी मांगने से इनकार कर दिया है। वहाँ के सांसदों द्वारा इस मुद्दे को हाउस ऑफ कॉमन्स में उठाया गया। सांसदों ने इस मुद्दे पर यह बयान जलियांवाला बाग़ हत्याकांड के 100 वर्ष पूरे होने से पहले दिया हैं, टाइम्स ऑफ इंडिया  ने रिपोर्ट किया।

इस वाद-विवाद की संयोजना अनुदार सांसद बॉब ब्लैकमैन ने मंगलवार (9 अप्रैल) दोपहर वाली सभा में वेस्टमिंस्टर हाल में करवाई जिसमें यह लग रहा था कि ब्रिटिश सरकार इस हत्याकांड के लिए माफ़ी मांग सकती है।

सभा में उपस्थित अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के सांसदों ने ना ही सिर्फ ब्रिटिश सरकार को उस हत्याकांड में मारे गए लोगों के परिवारों और दुनिया भर के सिक्खों से माफ़ी मांगने की मांग के आलावा यह भी मांग की गई कि जलियांवाला बाग़ हत्याकांड के बारे में यूके के स्कूलों में भी बच्चों को पढ़ाया जाए।

इस वाद-विवाद के संयोजक अनुदार पार्टी के संसद बॉब ब्लैकमैन ने इस मुद्दे पर कहा, “वह एक धार्मिक आयोजन था, जिसमें जनरल डायर ने निहत्थे लोगों को मार गिराया, और उसका उसने कभी पश्चाताप भी नहीं किया और यह कांड ब्रिटिश सरकार के नाम पर किया गया था। इसके लिए हमें उन सभी मृतिकों के लिए अपना सर झुकाना चाहिए। और साथ ही इस हत्याकांड का समर्थन भी अनुदार पार्टी ने किया है। इस हत्याकांड की ब्रिटिश सरकार को ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए, पर माफ़ी नहीं”।

सभा में मौजूदा सांसद प्रीत गिल ने कहा कि इस हत्यकांड के बारे में यूके के स्कूलों में पढ़ाया जाना चाहिए कि किस तरह ब्रिटिश राज ने  दुनिया भर में लोगों का शोषण किया था।