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नीरव मोदी के समर्थन में बयान देने वाले कांग्रेस नेता अभय थिप्से पर बरसा यूके न्यायालय

भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की अनुमति देने वाली ब्रिटेन की न्यायालय ने कांग्रेस पार्टी के अभय थिप्से (उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश) के खिलाफ तीखी टिप्पणी की।

न्यायालय ने माना कि नीरव मोदी के पक्ष में बयान देने में थिप्से ने अपनी पार्टी-राजनीतिक संबद्धता या हितों के किसी भी संभावित संघर्ष का खुलासा नहीं किया।

नीरव मोदी ने गुरुवार (25 फरवरी) को भारत के प्रत्यर्पण के खिलाफ अपनी कानूनी लड़ाई को ब्रिटेन की एक न्यायालय के न्यायाधीश के समक्ष समाप्त कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके पास भारतीय न्यायालयों के समक्ष जवाब देने के लिए एक मामला है। इस पर ब्रिटेन की न्यायालय ने निर्णय सुनाया कि नीरव मोदी को भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है।

प्रत्यर्पण कार्यवाही के दौरान एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश, कांग्रेस नेता और राहुल गांधी के करीबी विश्वासपात्र अभय थिप्से ने लंदन की न्यायालय को वीडियो लिंक के माध्यम से सूचित किया था कि नीरव मोदी पर लगाए गए आरोपों में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति का वितरण शामिल हैं पर उनके मामले की भारतीय कानून के तहत जाँच नहीं होगी।

वीडियो लिंक के माध्यम से थिप्से ने दावा किया था कि भारतीय कानून के तहत नीरव के खिलाफ मामले में पुलिस के कुछ बयानों के साथ धोखे की परिभाषा भारतीय कानून के तहत बेवजह गढ़ी जाएगी।

थिप्से, जो बॉम्बे और इलाहाबाद उच्च न्यायालयों में सेवा दे चुके हैं और 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए थे, नीरव मोदी की ओर से पेश हुए थे। उन्होंने आरोपी के लिए भारत सरकार के प्रत्यर्पण अनुरोध को चुनौती दी थी।