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‘सशक्त और सुरक्षित’- विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में महिला अध्ययन केंद्र के निर्देश

विश्वविद्यालय अनुदान केंद्र (यूजीसी) ने देश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में महिला अध्ययन केंद्र खोलने के दिशानिर्देश दिए हैं। यह केंद्र विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में 2019 के सत्र में बनने शुरू होंगे।

यूजीसी इन केंद्रों के निर्माण के लिए विश्वविद्यालय को 35 लाख और कॉलेज को 25 लाख की वित्तिय सहायता प्रदान करेगा, अमर उजाला  ने रिपोर्ट किया। इन महिला अध्ययन केंद्रों की ख़ास बात यह है कि इनमें महिला सुरक्षा से संबंधित पाठ्यक्रम में पढ़ाई और शोध के साथ-साथ प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन की तरफ से विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को इस महिला अध्ययन केंद्र 2019 के लिए दिशानिर्देश भेज दिए गए हैं। यूजीसी का इस महिला अध्ययन केंद्र पर कहना है कि इससे वह महिलाओं को सशक्त, सुरक्षित और उनका संपूर्ण विकास करवाना चाहते हैं।

विश्वविद्यालयों में बने यह केंद्र प्रति वर्ष केंद्र की रिपोर्ट यूजीसी के पास भेजेंगे। इस रिपोर्ट में उस साल में क्या-क्या शोध किए गए, कौनसा पाठ्यक्रम पढ़ाया गया, कितने विशेष कार्यक्रम करवाए गए ये सब शामिल होगा। इन केंद्रों में शिक्षकों और छात्रों के आलावा केंद्र और राज्य सरकार के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे, जिनका काम महिलाओं पर आधारित कार्यों का जायज़ा लेना होगा।