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यूजीसी- समिति ने की स्नातक पाठ्यक्रमों को 4 वर्षीय प्रणाली में बदलने की सिफारिश

भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार लाने की योजना के तहत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की एक चार-सदस्यीय समिति ने ज़्यादातर स्नातक पाठ्यक्रमों के अंतर्गत वर्तमान में चल रही 3 वर्षीय प्रणाली को 4 वर्षीय प्रणाली में बदलने की सिफारिश की है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, केवल 5 साल पहले ही 4 वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (एफवाईयूपी) को वापस ले लिया गया था। यूजीसी समिति की तरह ही नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) लेकर आने वाले मानव संसाधन मंत्रालय (एचआरडी) की समिति ने भी 4 वर्षीय प्रणाली को अपनाने की सलाह दी है।

यूजीसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम की पेशकश करने वाले विश्वविद्यालयों की संख्या में वृद्धि करें। ऐसे में ये अच्छे अनुसंधान घटकों के साथ डॉक्टोरल कार्यक्रमों के लिए अच्छे विद्यार्थियों की पौध तैयार करेंगे।”

समिति यह सुनिश्चित करती है कि सभी पूर्णकालिक स्नातक पाठ्यक्रम व्यापक स्तर पर हों। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की समिति भी तीन वर्षीय पाठ्यक्रम को हटाना नहीं चाहती है लेकिन साथ में नई 4 वर्षीय प्रणाली को अस्तित्व में रखना चाहती है।

फिलहाल, भारत में अधिकांश स्नातक डिग्री तीन वर्षीय पाठ्यक्रमों पर आधारित हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) जैसे कुछ उल्लेखनीय उदाहरण हैं, जो चार वार्षीय मानदंडों का पालन करते हैं।