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महाराष्ट्र में कृषि कानून नहीं लागू करेगी उद्धव सरकार, कांग्रेस-एनसीपी के आगे झुकी

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे सरकार ने बुधवार (30 सितंबर) को नए कृषि कानून को लागू करने का अगस्त में दिया अपना आदेश वापस ले लिया है। कांग्रेस की ओर से इसको लेकर कैबिनेट बैठक के बहिष्कार की धमकी दी गई थी।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार में सहयोगी कांग्रेस और एनसीपी ने कृषि कानून का विरोध कर इसे किसान विरोधी करार दिया था। इसके बाद से उद्धव सरकार पसोपेश में थी। गत सप्ताह ही महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजीत पवार ने घोषणा की थी कि राज्य सरकार कृषि सुधार कानूनों को लागू नहीं करेगी।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी सोवमार को पार्टी शासित प्रदेशों की सरकारों से कहा था कि वे केंद्र के कृषि विरोधी कानूनों को निष्प्रभावी करने के लिए अपने यहाँ कानून पारित करने की संभावना पर विचार करें।

पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के जारी बयान के मुताबिक, अनुच्छेद 254 (ए) कृषि विरोधी एवं राज्यों के अधिकार क्षेत्र में दखल देने वाले केंद्रीय कानूनों को निष्प्रभावी करने के लिए राज्य विधानसभाओं को कानून पारित करने का अधिकार देता है।

उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र के इस कदम से कृषि संबंधी तीन कानूनों के अस्वीकार्य और किसान विरोधी प्रावधानों को दरकिनार किया जा सकेगा। इनमें न्यूनतम समर्थन मूल्य को खत्म करने और कृषि उपज विपणन समितियों (एपीएमसी) को बाधित करने का प्रावधान शामिल है।