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दिल्ली का भार ढोने वाली मेट्रो का वित्तीय भार नहीं उठाना चाहती आप सरकार

दिल्ली मेट्रो के चौथे फेज़ को विलंब के बाद सहमति देने वाली आप सरकार अब इसके प्रस्ताव में नई शर्तों को जोड़कर मेट्रो निर्माण की चुनौती बढ़ा रही है। दिल्ली सरकार ने ऑपरेशनल घाटे में साझेदारी और बाहरी कर्जों की देनदारी से जुड़ी दे नई शर्तें जोड़ी हैं, नवभारत टाइम्स  ने बताया।

दिल्ली सरकार की माँग है कि केंद्र और राज्य सरकार परिचालन घाटे के नुकसान में 50-50 प्रतिशत की साझेदारी निभाए। इसके अलावा दूसरी शर्त यह है कि यदि डीएमआरसी बाहरी ऋण के चुकाने में असफल हुई तो दिल्ली सरकार इस कर्ज़ की भरपाई नहीं करेगी।

दिल्ली सरकार मेट्रो के विस्तार में अपना भाग चुकाने के लिए सहमत हो गई है लेकिन विदेशी कर्ज़ों में फॉरेन एक्सचेंज में उतार-चढ़ाव के कारण यह किसी प्रकार का जोखिम नहीं उठाना चाहती है। रही बात परिचालन संबंधित घोटे की तो डीएमआरसी को आज तक कभी घाटा नहीं हुआ है।