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असम में दो बच्चों के नियम पालन पर ही मिलेगा योजनाओं का लाभ, कुछ समुदायों को छूट

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कथित तौर पर कहा कि राज्य सरकारी योजनाओं को लागू करते समय जनसंख्या नीति का कड़ाई से पालन करेगा। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए दो बच्चों के नियम को अनिवार्य बनाया जाएगा।

हालाँकि, अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और चाय जनजाति के लोगों को राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए दो बच्चों के मानदंडों में छूट दी जाएगी।

सेंटिनल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार (19 जून) को कहा, “असम जनसंख्या नीति का कड़ाई से पालन होगा। केवल वे परिवार, जिनके दो से अधिक बच्चे नहीं हैं, वे अरुनाडे योजना, प्रधानमंत्री आवास जैसी कल्याणकारी योजनाओं के लाभ प्राप्त करने के पात्र होंगे।”

यह विकास मुख्यमंत्री द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय से गरीबी कम करने और सामाजिक समस्याओं को नियंत्रित करने के लिए सभ्य जनसंख्या नियंत्रण उपायों को अपनाने का आग्रह करने के एक सप्ताह बाद आया है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने 10 जून को संवाददाताओं से कहा था, “हम जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के साथ काम करना चाहते हैं। गरीबी, भूमि अतिक्रमण आदि मुद्दों का मूल कारण अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि है। मुझे लगता है कि यदि मुस्लिम समुदाय सभ्य परिवार नियोजन मानदंड अपनाता है तो हम असम में बहुत सी सामाजिक समस्याओं का अंत कर सकते हैं।”