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उइगरों पर टिप्पणी के बाद चीनी दूतावास ने धमकी दी तो तुर्की ने बाधित की पानी आपूर्ति

चीनी दूतावास ने ट्विटर पर दो तुर्की राजनेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की बात की थी क्योंकि उन्होंने अपने मुस्लिम उइगर समुदाय पर बीजिंग में किए जा रहे अत्याचारों की आलोचना की थी। इसके बाद तुर्की की अंकारा नगर पालिका ने बुधवार (7 अप्रैल) को चीनी दूतावास की पानी की आपूर्ति बाधित कर दी थी।

न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी दूतावास ने विपक्षी गुड पार्टी के मुखिया मेराल अक्सनेर और अंकारा के महापौर मंसूर यावस को दो ट्विटर पोस्ट में टैग किया था। इसमें उन्होंने बीजिंग की नीतियों का बचाव किया और कहा कि चीनी पक्ष एक सही प्रतिक्रिया के लिए अपना अधिकार सुरक्षित रखता है।

दूतावास ने कहा, “चीनी पक्ष ने विरोध किया। उसने चीन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए किसी व्यक्ति या सत्ता द्वारा किसी भी चुनौती की कड़ी निंदा की।” चीनी दूतावास ने यह टिप्पणियाँ तब कीं, जब तुर्की के दो राजनेताओं ने ट्विटर पोस्ट के साथ 1990 में एक विद्रोह के दौरान चीनी सुरक्षाबलों द्वारा उइगरों की हत्या को चिह्नित किया था।

हालाँकि, चीनी दूतावास की ओर से की गई टिप्पणियों की व्यापक रूप से धमकी के रूप में व्याख्या की गई और यह तुर्की में सोशल मीडिया पर नाराजगी के रूप में उभरकर आई। यह गौर किया जाना चाहिए कि चीन के शिनजियांग प्रांत के मूल निवासी एक तुर्क समूह के कई उगरों ने अपने साझा सांस्कृतिक संबंधों के कारण पहले ही तुर्की में शरण ले रखी है।