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सुनामी के 14 वर्षों बाद भारत कितना तैयार है इन आपदाओं के लिए

आज से 14 वर्ष पूर्व 26 दिसंबर 2004 को भारतीय महासागर में सुमात्रा के निकट भूकंप के कारण सुनामी आई थी जिसने 14 देशों को प्रभावित कर 2,30,000 जानें ली थीं। भारत में इसका सबसे अधिक प्रभाव आंध्र प्रदेश और तमिल नाडु के तटवर्ती क्षेत्रों पर पड़ा था और 10,000 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई थी।

उस समय कहा गया था कि यदि हमारे पास पैसिफिक-वॉर्निंग सेंटर के समकक्ष तकनीक होती तो इतना नुकसान नहीं झेलना पड़ता। इस सुनामी के बाद जनवरी 2005 में जापान में भारतीय महासागर सुनामी चेतावनी प्रणाली की स्थापना की बात की गई थी। इसके फलस्वरूप भारत ने 17 वीसैट भूकंपीय स्टेशन व 2 रिकॉर्डिंग स्टेशनों का निर्माण किया।

यूनेस्को के नेतृत्व में यह प्रणाली जून 2006 में क्रियान्वित की गई। इस प्रणाली के माध्यम से ऑस्ट्रेलिया, भारत और इंडोनेशिया सुनामी चेतावनी के प्रसारण के लिए ज़िम्मेदार देश हैं।