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डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान की सेना को आतंकवादी संगठन घोषित करने का लिया फैसला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने (8 अप्रैल) को अभूतपूर्व कदम उठाते हुए ईरान की इस्लामिक रेवोलुशनरी गार्ड कोर को आतंकवादी संगठन का नाम देने का फैसला किया है। ईरान की शक्तिशाली सेना जिसे इस्लामिक शासन की रक्षा का कर्त्तव्य दिया गया है उसे विदेशी आतंकवाद संगठन का नाम दिया जा रहा है।

ऐसा पहली बार हुआ है कि अमेरिका ने किसी विदेशी सेना को आतंकवाद का नाम दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का कहना है कि उनका सीधा उद्देश्य तेहरान को यह बताना था कि उसके आतंकवादी समर्थन के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

ईरानी सेना को आतंकवाद संगठन घोषित करने के बाद अमेरिकी लोगों और अमेरिकी कारोबार को ईरान के साथ बंद कर दिया जाएगा। अमेरिका द्वारा उठाए गए इस कदम ने ईरानी शासन की कड़ी निंदा की है।

ईरानी न्यायपालिका प्रमुख सैयद इब्राहिम रईसी ने एफएआरएस न्यूज़ के माध्यम से यह कहा है कि अमेरिका के अन्य बुरे  कामों की तरह यह कदम भी असफल रहेगा। वहीं आईआरजीसी के मेजर जनरल मोहम्मद अली जाफरी ने डोनाल्ड ट्रम्प के इस कदम के लिए चेतावनी दी है कि अगर ट्रम्प ऐसा कदम उठाएंगे तो निश्चित है कि दोनों देशों की सेना के बीच तनाव बढ़ जाएगा।

ट्रम्प की इस बड़ी करवाई के बाद ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावद जरीफ ने राष्ट्रपति हसन रौहानी से अमेरिका की मध्य पूर्वी सेना को देश की आतंकवादी संगठनों की सूची में शमिल करने को कहा है।