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सीबीआई ने चीनी मिल घोटाले में दर्ज की प्राथमिकी, मायावती की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल के दौरान 21 चीनी मिलों की बिक्री में हुए कथित अनियमितता की जांच को लेकर सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज की है। इसके बाद लोकसभा चुनाव को देखते हुए बसपा प्रमुख के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने 2018 में केंद्र सरकार को एक पत्र भेजा था। इसमें उन्होंने 2010-11 में राज्य द्वारा संचालित चीनी मिलों के विनिवेश में कथित अनियमितताओं के लिए सीबीआई जांच की मांग की थी। अब एक साल बाद सीबीआई ने शुरुआती जांच के बाद एक प्राथमिकी दर्ज की है और छह प्रारंभिक जांच शुरू की हैं।

चीनी मिलों को बेचने में हुए घोटाले के कारण प्रदेश सरकार को 1,179 करोड़ रुपये के राजस्व का घाटा हुआ था क्योंकि उन्हें बाजार मूल्य से नीचे बेचा गया था। सीबीआई इस मामले में तत्कालीन यूपी सरकार के किसी नेता या अधिकारी की भूमिका को भी देख रही है।

उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम लिमिटेड की खरीद के दौरान फर्जी दस्तावेजों को जमा करने के आरोप में सीबीआई ने अब तक सात लोगों को नामजद किया है। एजेंसी जल्द ही नोटिस जारी कर उन्हें जांच में शामिल होने के लिए कहेगी।

मशीनरी के अलावा, इन चीनी मिलों का निर्माण कम से कम 2,000 करोड़ रुपये मूल्य की 500 हेक्टेयर भूमि पर किया गया था। इस मामले में कथित अनियमितताओं को सबसे पहले नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में दिखाया था।