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ट्रेन 18 अब वंदे भारत एक्सप्रेस, लोगों के मतानुसार नामकरण- रेल मंत्री पीयूष गोयल

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि ट्रेन 18 को वंदे भारत एक्सप्रेस के नाम से जाना जाएगा। यह इस ट्रेन के भारत में निर्माण की अभिस्वीकृति के रूप में है, द न्यू इंडियन एक्सप्रेस  ने बताया।

दिल्ली से वाराणसी के बीच चलने वाली यह सेमी-फास्ट ट्रेन 18 महीनों में 97 करोड़ रुपये की लागत से बनी है। चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री द्वारा निर्मित यह ट्रेन पहली लोकोमोटिव-रहित ट्रेन है और इसे 30 वर्ष पुरानी शताब्दी का वंशज माना जा रहा है।

रविवार (27 जनवरी) को गोयल ने मीडिया को बताया कि ट्रेन 18 के रूप में इसकी अवधारणा बनाई गई थी लेकिन जनता के सुझावों के बाद इसका नाम बदला गया है। वंदे भारत पूर्ण वातानुकूलित ट्रेन होगी और कानपुर व प्रयागराज में विराम लेगी।