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देश में घटीं इंजीनियरिंग सीटें, पाँच साल में 19.01 से 14.66 लाख पहुँचीं

राष्ट्रीय नियामक संस्था ने तकनीकी शिक्षा की अनदेखी के नए आँकड़े पेश किए हैं। इसमें बताया गया है कि भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने देशभर में इंजीनियरिंग सीटों (यूजी और पीजी) की संख्या में 1.64 लाख से अधिक सीटों की कमी की है।

इंडियन एक्स्प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले कॉलेजों की सीटों में छात्रों का प्रवेश जहाँ 30 प्रतिशत से कम था, वो अब और घटकर 50 प्रतिशत हो चुका है। इसके अलावा, 83 इंजीनियरिंग कॉलेजों ने खुद को बंद करने के लिए आवेदन दिया है। इससे 20,000 सीटें और कम हो गई हैं।

कुल 1.20 लाख सीटें विशिष्ट पाठ्यक्रमों के बंद होने या प्रवेश की कमी के कारण कम हो गई हैं।

एआईसीटीई के अध्यक्ष अनिल डी. सहस्रबुद्धे ने कहा, “कुछ कॉलेजों ने पिछले पाँच वर्षों में 30 प्रतिशत दाखिले भी हासिल नहीं किए हैं। कुछ अन्य ने सीटों को कम करने या बंद करने के लिए आवेदन किया है। कुछ संस्थानों के खिलाफ गुणवत्ता व मानकों को बनाए न रखने और विभाग या बुनियादी ढाँचे की सँख्या के संबंध को लेकर कार्रवाई की गई थी।”

सीटों की कमी का मतलब है कि देश भर में उपलब्ध इंजीनियरिंग सीटों की कुल संख्या इस साल 14.66 लाख पर आ गई है। कुछ साल पहले 2014-15 में इंजीनियरिंग सीटों की संख्या अपने उच्चतम स्तर 19.01 लाख पर थी।