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पेपर से डिजिटल हो रही राष्ट्रीय जनगणना, शीर्ष अधिकारियों ने की रणनीति बनाकर चर्चा

देश की एक अरब से ज्यादा आबादी की आगामी राष्ट्रीय जनगणना 2021 को सुचारू और सटीक रूप से संचालित करने के लिए मोबाइल फोन एप्लिकेशन के इस्तेमाल पर विचार किया जा रहा है। इस पर अधिकारियों ने रणनीति बनाकर चर्चा की है।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा, “राष्ट्रीय जनगणना 2021 की तैयारी के लिए पिछले दो दिनों में शीर्ष जनगणना अधिकारियों ने अखिल भारतीय सम्मेलन में राज्य समन्वयकों, जनगणना संचालन और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के निदेशकों से मुलाकात की थी।

पहले जनसंख्या 2021 की गिनती एक मोबाइल फोन एप्लिकेशन के माध्यम से की जाएगी। इसमें पुराने ज़माने की कलम और कागज़ की प्रथा को छोड़ दिया जाएगा। गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार, जनगणना की पहली संदर्भित तिथि 1 मार्च 2021 होगी। हालाँकि, उस वक्त जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी की वजह से इस तिथि को 1 अक्टूबर-2021 कर दिया जा रहा है।

सम्मेलन में उपस्थित अधिकारियों को बड़े पैमाने पर अभ्यास के लिए तार्किक आवश्यकताओं की व्याख्या के साथ जनगणना की तैयारियों के बारे में बताया गया। अधिकारियों को मोबाइल ऐप का उपयोग करने में मदद करने के लिए डिजिटल कार्यप्रणाली पर प्रस्तुतियाँ भी दी गईं।

बयान में कहा गया, “अभ्यास में सुधार के सुझाव का राज्य के विभिन्न अधिकारियों ने भी स्वागत किया। व्यापक राष्ट्रव्यापी जनगणना 16 भाषाओं में होगी, जिसकी संभावित लागत 12,000 करोड़ रुपये होगी।”

इससे पूर्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की थी, “जनगणना के आँकड़ों को एक मोबाइल ऐप के माध्यम से इकट्ठा किया जाएगा।” लाइवमिंट के हवाले से कहा गया है कि जनगणना 2021 में एक मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा। अब पेपर जनगणना से डिजिटल जनगणना में परिवर्तन होगा।”