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भारतीय भाषाओं का इंटरनेट पर वर्चस्व, 10 में से 9 उपभोक्ता गैर-अंग्रेज़ी भाषी

रेडसीअर कन्सल्टिंग द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार जहाँ एक तरफ भारतीय भाषाओं में इंटरनेट का प्रयोग 13 प्रतिशत से बढ़ रहा है, वहीं अंग्रेज़ी भाषा में यह वृद्धि मात्र 1 प्रतिशत की है, लाइवमिंट  ने रिपोर्ट किया।

रिपोर्ट ने यह भी बताया कि भारतीय भाषा में डेलीहंट, शेयरचैट और न्यूज़डॉग जैसे स्टार्टअप उन ब्रांडों के मध्य लोकप्रिय हो रहे हैं जो भारत में गैर-अंग्रेज़ी भाषी विशाल उपभोक्ता बेस को आकर्षित करना चाहते हैं।

“अंग्रेज़ी खत्म। केवल 20 करोड़ लोग हैं जो अच्छे से अंग्रेज़ी में कुशल हैं और वो पहले से ही इंटरनेट का उपयाग कर रहे हैं। लगभग हर नया ग्राहक, 10 में से 9, जो इंटरनेट से जुड़ रहा है वह अंग्रेज़ी में कुशल नहीं है। तो यह कहना सही है कि उपभोग में वृद्धि गैर-अंग्रेज़ी भाषी ग्राहकों से ही होगी।”, गूगल इंडिया व दक्षिण एशिया के संचालन उपाध्यक्ष राजन आनंदन ने बताया।

भारतीय भाषाओं में सामग्री उपलब्ध करने के लिए एक बेंगलुरु आधारित स्टार्टअप का-नाडा ने एक इंडिक कीबोर्ड रचित व विकसित किया है। यह कीबोर्ड क्वर्टी कीबोर्ड से भिन्न व्यवस्था पर आधारित है जिससे भारतीय भाषाओं का टंकण सरल होगा।

रेडसीअर के विश्लेषण के अनुसार डिजीटल प्रचार मात्र 19 प्रतिशत व्यय किया जाता है फिर भी यह सबसे तेज़ी से बढ़ता क्षेत्र है।