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“जल्द वह समय आएगा, जब कश्मीरी पंडित खीर भवानी मंदिर में पूजा करेंगे”- अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कहा, “केंद्र सरकार कश्मीरी पंडितों और सूफियों को कश्मीर घाटी में वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है। एक समय आएगा, जब कश्मीरी पंडित प्रसिद्ध खीर भवानी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे और उनके साथ सूफी भी होंगे।”

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, शाह ने कहा, “कश्मीरी पंडितों को कश्मीर छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था। उनके कई मंदिरों को ध्वस्त कर दिया गया था। सूफीवाद को राज्य में निशाना बनाया गया था क्योंकि वे एकता और सद्भाव की बात करते थे।”

उन्होंने कहा, “कश्मीरी पंडितों और सूफियों के पक्ष में कोई आवाज नहीं उठाई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार कश्मीरी पंडितों को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है।”

गृहमंत्री जम्मू-कश्मीर राज्य में राष्ट्रपति शासन के विस्तार पर सदन में एक बहस का जवाब दे रहे थे। साथ ही राज्य की अंतर-राष्ट्रीय सीमाओं पर रहने वालों के लिए शिक्षा और नौकरी में आरक्षण का बिल उस तर्ज पर पेश कर रहे थे, जिस तरह की सुविधा नियंत्रण रेखा (एलओसी) के किनारे रहने वालों को प्राप्त थी।

गृहमंत्री ने कहा, “हम कश्मीर की संस्कृति की रक्षा करेंगे। एक समय आएगा, जब कश्मीरी पंडित माता खीर भवानी मंदिर में पूजा अर्चना करते नज़र आएँगे और सूफियों को भी उनके साथ देखा जाएगा। मोदी सरकार कश्मीर की संस्कृति को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।” श्रीनगर से लगभग 14 किमी पूर्व में स्थित माता खीर भवानी मंदिर कश्मीरी पंडितों के पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है।

यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि 1989 और 1990 में इस्लामवादी विद्रोहियों ने कश्मीरी हिंदुओं को निशाना बनाया था। इसके परिणामस्वरूप दो दशक गुजर जाने के बाद भी वे अब तक अपनी पुश्तैनी ज़मीन पर वापस नहीं लौट पाए हैं।