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गत 6 वर्षों में भारतीय सेना में महिला कर्मियों की संख्या में तीन गुना हुई वृद्धि- केंद्र सरकार

महिला सशक्तीकरण के प्रति सकारात्मक सोच के साथ गत 6 वर्षों में सेना में महिला कर्मियों की संख्या में करीब तीन गुना वृद्धि हुई है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, नवीनतम सरकारी आँकड़ों से जानकारी मिलती है कि सशस्त्र बलों में महिलाओं के लिए और अधिक रास्ते खोले जा रहे हैं। सरकार ने सोमवार (8 फरवरी) को संसद में कहा कि वर्तमान में 9118 महिलाएँ सेना, नौसेना और वायुसेना में सेवाएँ दे रही हैं। इसमें उन्हें करियर में आगे बढ़ने के भी अधिक अवसर मिल रहे हैं।

2014-15 में सेना में महिला कर्मियों की संख्या 3,000 के आसपास थी। उसके बाद से सरकार ने कई उपायों को अपनाया। इसके बाद से महिलाओं को लड़ाकू विमानों, नौसेना के विमानों आदि को चलाने की अनुमति मिली।

वर्तमान में सेना में 6807 महिला अधिकारी, वायुसेना में 1607 और नौसेना 704 महिला अधिकारी कार्यरत हैं। यह आँकड़े उस मेडिकल विंग को शामिल करते हैं, जिसमें महिलाएँ दशकों से सेवा दे रही हैं।

हालाँकि, अगर प्रतिशत के तौर पर देखा जाए तो महिलाएँ अब भी इन सेवाओं में अल्पसंख्यक ही हैं। सेना में 0.56 प्रतिशत, वायुसेना में 1.08 प्रतिशत और नौसेना में 6.5 प्रतिशत उनका हिस्सा है।

महिलाओं को बड़ा प्रोत्साहन तब मिला, जब 2015 में भारतीय वायुसेना ने उन्हें लड़ाकू धारा में शामिल करने का निर्णय किया था। एक वर्ष बाद 2016 में पहली नौसैनिक महिला को समुद्री विमान के पायलट के रूप में शामिल किया गया था।

इससे पूर्व, शनिवार (7 फरवरी) को पहली बार केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 34 महिला कर्मियों को सीआरपीएफ के एलीट माओवादी कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन (सीओबीआरए) इकाई में शामिल किया गया था।