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रंजन गोगोई के खिलाफ यौन शोषण मामले की जांच समिति का नेतृत्व एसए बोबडे को

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एसए बोबडे भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के खिलाफ महिला यौन शोषण के आरोपों की आंतरिक जाँच लिए तीन सदस्यीय समित का नेतृत्व करेंगे। समिति के अन्य सदस्यों में न्यायाधीश एन.वी. रामना और इंदिरा बनर्जी शामिल हैं।

द हिंदू  की रिपोर्ट के अनुसार, न्यायमूर्ति एसए बोबडे ने 20 अप्रैल को उस संकट से उबरने में मुख्य भूमिका निभाई थी, जब कुछ वेबसाइटों ने मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के खिलाफ महिलाओं के आरोप प्रकाशित किए थे। न्यायमूर्ति बोबडे ने मामले की जांच के लिए जस्टिस अरुण मिश्रा, रोहिंटन नरीमन और दीपक गुप्ता की एक विशेष पीठ का गठन भी 23 अप्रैल को किया था।

रिपोर्ट के अनुसार, समिति के गठन के संबंध में बैठक 23 अप्रैल देर शाम तक चली। रिपोर्ट ने शीर्ष अदालत के सूत्र के हवाले से कहा, “बैठक में फैसला लिया गया कि यह कदम न्यायपालिका को आरोपों से होने वाले नुकसान को शामिल करना और अदालत को सुव्यवस्थित करना था।”

सूत्रों की मानें तो अदालत बाहरी हमलों से न्यायाधीशों की सुरक्षा के साथ न्यायपालिका के खिलाफ ऐसी शिकायतों और आरोपों की सत्यता को देखने के लिए एक तंत्र भी बनाएगी।