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कवि तिरुवल्लुवर विवाद पर भाजपा का जवाब, कहा- “वे महान संत थे, ना कि द्रमुक नेता”
आईएएनएस - 8th November 2019

प्राचीन तमिल कवि तिरुवल्लुवर के विवाद को लेकर द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) पर निशाना साधते हुए भाजपा महासचिव पी मुरलीधर ने कहा, “प्राचीन तमिल कवि एक महान संत थे। वे द्रमुक नेता नहीं थे।”

मुरलीधर ने आईएएनएस को बताया, “वे एक महान संत थे, ना कि द्रमुक नेता। वह सार्वभौमिक मूल्यों के लिए जीते थे और कभी भी सांप्रदायिक मूल्यों के पक्षधर नहीं रहे।”

उन्होंने कहा, “मैं द्रमुक को चुनौती देता हूँ कि हिम्मत है तो माथे पर विभूति लगाने को तमिल विरोधी कृत्य घोषित कर दें। तमिल खुद इसका जवाब दे देंगे।”

दरअसल, तमिलनाडु की भाजपा इकाई ने तमिल कवि तिरुवल्लुवर का भगवा वस्त्र धारण किया हुआ पोस्टर जारी किया था, जिसके बाद सारा विवाद खड़ा हुआ था। इसमें उनके माथे और बांह पर राख लगी है। द्रमुक ने भाजपा पर तमिल कवि का अपमान करने का आरोप लगाया है।

भाजपा नेता ने कहा, “संत तिरुवल्लुवर को ना केवल भारत में बल्कि विश्वभर में पूजा जाता है। वह भाजपा के आदर्श हैं। हम द्रमुक की संत तिरुवल्लुवर को लेकर संकीर्ण व्याख्या का विरोध करते हैं। द्रमुक ने हमेशा तमिलों को धोखा दिया है। भाजपा तिरुवल्लुवर को सुशासन के लिए केंद्रीय और राज्य दोनों स्तरों पर रोल मॉडल मानती है।”