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शरद पवार- “भाजपा-शिवसेना अपना रास्ता निकाले”, मोदी ने संसद में एनसीपी को सराहा

एनसीपी प्रमुख शरद पवार सोमवार (18 नवंबर) सुबह महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार को अंतिम रूप देने के लिए सोनिया गांधी से मिलने दिल्ली पहुँचे। बैठक से पहले वह मीडिया से रूबरू हुए, जिसमें उनके जवाबों से कई अटकलें लगनी शुरू हो गईं।

एनसीपी के शिवसेना के साथ सरकार बनाने के सवाल पर शरद पवार बोले, “सच में!”। एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना की गठबंधन वाली सरकार के सवाल पर उन्होंने कहा, “शिवसेना-भाजपा ने अलग चुनाव लड़ा, एनसीपी-कांग्रेस ने अलग चुनाव लड़ा। आप यह कैसे कह सकते हैं? उन्हें (भाजपा-सेना को) अपना रास्ता निकालना होगा। हम अपनी राजनीति खुद करेंगे।”

पिछले शुक्रवार पवार को यह कहते सुना गया था कि तीनों दल मिलकर सरकार बनाएँगे, जो पूरे कार्यकाल चलेगी। कई मीडिया रिपोर्टों ने संकेत दिए कि राहुल गांधी ने शिवसेना के साथ गठबंधन को लेकर विरोध किया। इसका केरल कांग्रेस भी विरोध कर रही है। वहीं, कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई गठबंधन की वकालत कर रही है। वह तर्क दे रही है कि भाजपा को महाराष्ट्र से बाहर करने के लिए यह अनिवार्य है।

रिपोर्ट मिली है कि शरद पवार अजीत पवार और प्रफुल्ल पटेल के दबाव में हैं। उन्होंने गठबंधन की पेशकश नहीं की। हालाँकि, राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पवार की टिप्पणी शिवसेना के साथ बेहतर सौदेबाजी के लिए थी। एनसीपी शिवसेना के मुख्यमंत्री पद को स्वीकार करने के लिए सहमत है पर वह अपनी नज़र सरकार के आकर्षक विभागों पर रख सकती है।

उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में एनसीपी और बीजद की तारीफ की। उन्होंने कहा, “इन पार्टियों ने आश्चर्यजनक रूप से संसदीय मानदंडों का पालन किया है। उन्होंने कभी वेल में आने का निर्णय नहीं लिया। फिर भी उन्होंने बहुत प्रभावी ढंग से अपनी बात रखी है। इन प्रथाओं से बहुत कुछ सीखा जा सकता है।”