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“कोई सौदेबाज़ी नहीं, हम अभिनंदन को वापस चाहते हैं”- विदेश मंत्रालय ने किया साफ

गुरुवार (28 फरवरी) को भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि बंदी बनाए गए भारतीय वायुसेना के पाइलट को वापस लेने के लिए किसी प्रकार की सौदेबाज़ी नहीं की जाएगी, रिपोर्टों ने दावा किया है।

सरकार ने यह भी साफ किया कि यह वाणिज्य दूत की सहायता नहीं लेगी और केवल विंग कमांडर अभिनंदन वर्तामान को वापस चाहती है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पाकिस्तान के किसी प्रकार के सौदे को बर्दाश्त नहीं करेगा।

मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि सरकार अभिनंदन को वापस लाने का पूरा प्रयास कर रही है। इसी बीच पाकिस्तान अपेक्षा कर रहा है कि भारत और कोई कार्यवाही न करे तो वह पाइलट को छोड़ देगा।

कल विदेश मंत्रालय ने भारतीय वायुसेना के पाइलट को बंदी बनाए जाने का विरोध किया था। यह भी कहा गया था कि यह नीच कृत्य जेनेवा कन्वेन्शन और अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन करता है।