समाचार
विद्युत वाहन क्षेत्र में क्रांति- महिंद्रा को 20,000 ई-रिक्शा का मिला ऑर्डर

ई-वाहनों के क्षेत्र में कार्य करने वाली तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा समूह की सहायक महिंद्रा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अगले 18 महीनों में 20,000 ई-रिक्शा बेचने की योजना में है, बिज़नेस स्टैंडर्ड  की रिपोर्ट में बताया गया।

कंपनी ने पहला ई-रिक्शा मॉडल- द अल्फ़ा मिनी वर्ष 2017 में प्रस्तुत किया था। इसकी कीमत 1.12 लाख रखी गई थी तथा बैटरी से चलने वाला यह तिपहिया वाहन पूर्ण रूप से बैटरी चार्ज होने पर अधिकतम 25 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से 85 किलोमीटर तक की दूरी तय करने की क्षमता रखता है।

400 करोड़ की राशि का यह ऑर्डर दो कंपनियों (थ्री व्हील्स यूनाइटेड तथा स्मार्ट ई) को सौंपा जाएगा।
भारतीय विद्युत वाहनों के क्षेत्र की पहली कंपनी महिंद्रा अपने तिपहिए वाहनों के विभिन्न प्रकारों को बेचने कई शहरों के ऑटो रिक्शा संगठनों से संपर्क कर रही है।

भारत में ई-रिक्शा हेतु व्यापक अवसर दिखाई देते हैं। देश के वाहनों की संख्या में तेल, गैस, तथा विद्युत से चलने वाले ऑटो रिक्शा एक बड़ा हिस्सा रखते हैं। भारत के प्रथम श्रेणी के शहरों (आबादी 40 लाख से अधिक) में औसतन 50,000 ऑटो रिक्शा प्रति शहर हैं। वहीं द्वितीय श्रेणी के शहरों (आबादी 10 लाख से 40 लाख तक) में करीब 15,000 से 30,000 ऑटो रिक्शा प्रति शहर हैं।

भारत में ई-रिक्शा वाहनों के संदर्भ में क्रांति स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार भारत में करीब 15 लाख ई-रिक्शा सड़कों पर दौड़ रहे हैं। यह संख्या 2011 से लेकर अभी तक चीन में बिकी बैटरी कारों से अधिक है।