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चीन की सीमा को जोड़ने वाला मुनस्यारी-मिलम मार्ग पर बना पुल ढहा, आवागमन प्रभावित

सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चीन सीमा को जोड़ने वाले मुनस्यारी मिलम मार्ग पर सेनर गाड़ के पास बना पुल सोमवार को अधिक वजन न सह पाने की वजह से टूट गया। यह घटना सुबह नौ बजे ट्रॉला चालक की लापरवाही से हुई। वह पोकलैंड मशीन से लदे ट्रॉला को पुल के ऊपर से ले जा रहा था।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, वहाँ पर तैनात बीआरओ सीमा सड़क संगठन के कर्मचारी ने चालक को ऐसा करने से रोका लेकिन वह नहीं माना। पुल ध्वस्त होने की वजह से ट्रॉला पर सवार दो लोग गोवर्धन सिंह, लखविन्दर सिंह घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

इस पुल के टूटने की वजह से उच्च हिमालय के गाँवों से प्रवासी ग्रामीणों और सेना के जवानों के आवागमन प्रभावित हुए हैं। इससे मुनस्‍यारी-मिलम तक बन रहे सड़क का निर्माण कार्य भी प्रभावित होगा। सेनरगाड़ में पुल के टूटने से चीन सीमा से संपर्क टूट गया है। सीमा पर तैनात भारतीय सेना और आईटीबीपी की दिक्कतें बढ़ गई हैं। इसी रास्ते से भारतीय जवानों को रसद और खाद्य सामग्री पहुँचाई जाती है।

बता दें कि तवाघाट-लिपुलेख मार्ग के बाद पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी तहसील से भी चीन सीमा तक सड़क निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। मुनस्‍यारी से मिलम सड़क को वर्ष 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। 80 किमी. लंबी बनने वाले इस मार्ग में करीब 55 किमी तक चट्टानों को काटकर सड़क निर्माण का काम पूरा कर लिया गया है। शेष मध्य हिमालय में करीब 25 किमी चट्टानों को काटने के लिए बीआरओ ने एबीसीएल कंपनी को ठेका दिया है।