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आर्थिक स्थिति पर आधारित आरक्षण प्रस्ताव को मिली राज्य सभा में स्वीकृति

राज्य सभा में गंभीर चर्चा के बाद 124वाँ संवैधानिक संशोधन पारित हो गया जिसके अनुसार आर्थिक रूप से पिछड़े सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत का आरक्षण मिलेगा। सत्ताधारी एनडीए की राज्य सभा में बहुसंख्या न होने के बावजूद यह सफलतापूर्वक बुधवार (9 जनवरी) को पारित हुआ।

विधेयक के पक्ष में 165 मत पड़े थे और केवल सात सदस्यों ने इसका विरोध किया था। लोक सभा में यह विधेयक 8 जनवरी को पारित हुआ था। इस विधेयक समेत तीन तलाक व नागरिकता अधिकार विधेयक पर चर्चा के लिए राज्य सभा के शीतकालीन सत्र की कार्यवाही एक दिन के लिए बढ़ाई गई थी।

राज्य सभा में पारित होने के बाद इस विधेयक को लागू होने के लिए कमसेकम आधे राज्यों की विधानसभा में स्वीकृति मिलनी आवश्यक है। इस विधेयक को न्यायािक जाँच से भी गुज़रना होगा ताकि सभी वैधानिक पक्षों को देखा जा सके।

हालाँकि केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि मौलिक अधिकारों में संशोधन होने के कारण, विधानसभाओं में इसकी स्वीकृति आवश्यक नहीं होगी।