समाचार
श्रीलंका हमले में मुख्य संदिग्ध इस्लामी संगठन तौहीद जमात तमिलनाडु में है सक्रिय

श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार धमाकों के पीछे कथित रूप से तमिलनाडु में सक्रिय इस्लामी चरमपंथी संगठन नैशनल तौहीद जमात का नाम सामने आ रहा है। श्रीलंका में रविवार को हुए धमाकों में अब तक 250 से अधिक लोग मारे गए, जबकि 500 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

टाइम्स ऑफ इंडिया  की रिपोर्ट के अनुसार, वहाबी संगठन श्रीलंका तौहीद जमात (एसएलटीजे) देश के पूर्वी प्रांत में बढ़ रहा और तनाव फैला रहा है। साथ ही महिलाओं के लिए बुर्का के साथ शरिया कानून ला रहा है। वह कट्टरपंथी संदेशों का प्रचार-प्रसार करने के लिए मस्जिदों का निर्माण करवा रहा है।

हालांकि, काउंटर इंटेलिजेंस विशेषज्ञ हमले के सुराग न मिलने की वजह से अनुमान लगा रहे हैं लेकिन जिस तरह से चर्च और होटलों में हमले हुए हैं वो कथित रूप से इस्लामी समूहों की ओर इशारा कर रहे हैं। श्रीलंका में हमला 2016 में ढाका की एक बेकरी में हुए आत्मघाती हमले जैसा ही है। उस हमले को एक स्थानीय लड़के ने अंजाम दिया था पर उसे प्रशिक्षित इस्लामिक संगठन ने ही किया था।

रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती आंकलन से यह आशंका जताई जा रही है कि हमले श्रीलंकाई मुसलमानों ने ही किए थे। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि बिना किसी बाहरी आतंकी बल के इस तरह के हमले करना आसान नहीं है।

फिलहाल, आत्मघाती हमलों की जांच जारी है। नतीजे आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि इनमें इस इस्लामिक संगठन का हाथ है या नहीं। एसएलटीजी के बीते दिनों बौद्ध प्रतिमाओं पर किए गए हमलों ने श्रीलंका में मुस्लिमों और बौद्ध धर्म के समुदाए के बीच तनाव पैदा कर दिया था।