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फरवरी के पहले हफ्ते में होना था पुलवामा हमला, आतंकी बशीर ने किए कई अहम खुलासे

2018 में हुए पुलवामा हमले को लेकर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शाकिर बशीर माग्रे ने राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) के सामने कई अहम खुलासे किए हैं। उसने बताया कि हमला फरवरी के पहले हफ्ते में होना था पर उसे टाल दिया गया था।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, आतंकी बशीर को एनआईए ने पिछले शुक्रवार को गिरफ्तार किया था। उसने पूछताछ में बताया, “सीआरपीएफ काफिले पर हुए जैश के आतंकी हमले को पहले फरवरी के शुरुआती सप्ताह में अंजाम दिया जाना था।”

आतंकी ने बताया, “इसकी तैयारियाँ हो चुकी थीं पर खराब मौसम की वजह से इसे टाल दिया गया था। हमको हमला करने के लिए फिर से सीआरपीएफ के काफिले के गुजरने का इंतजार करना पड़ा था।”

एक अधिकारी का कहना है, “आतंकी के खुलासे बेहद अहम हैं क्योंकि वो बम की व्यवस्था करने, उसे फिट करने में मदद करने और अहमद डार को आश्रय देने से लेकर योजना बनाने तक सबकुछ जानता था। उसके जरिए हम पुलवामा हमले में चार्जशीट दायर कर सकेंगे।”

पूछताछ में माग्रे ने बताया, “करीब 50 किग्रा विस्फोटक के साथ एक शक्तिशाली आईईडी उमर फारूक, कामरान, डार आदि ने फरवरी के पहले सप्ताह में एक मारुति कार में फिट किया था।” पूछताछ कर रहे अधिकारी का कहना है, “माग्रे वह था, जिसने कार में बदलाव किए थे। उसने नंबर प्लेट बदली थी। विस्फोटक की व्यवस्था जैश आतंकियों ने पाकिस्तान से की थी। बैटरी, ग्लव्स और अमोनियम पाउडर इंटरनेट से मंगाए थे।

पुलवामा हमले में आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार ने खुद को उड़ा लिया था। इस मामले में एनआईए ने पिता-बेटी और शाकिर माग्रे को हाल ही में गिरफ्तार किया। माग्रे ने एनआईए को बताया कि हमले के बारे में अक्टूबर 2018 से ही तैयारियाँ होने लगी थीं।