समाचार
बुर्के पर प्रतिबंध की तैयारी में श्रीलंका, हमले में नकाबपोश महिलाओं की आशंका

श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार आत्मघाती हमलों के बाद बुर्के और नकाब पर प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जा रहा है। यह कदम मामले की जांच के दौरान महिलाओं के हमले में शामिल होने के संकेत मिलने के बाद उठाया जा रहा है।

डेली मिरर ने श्रीलंका के सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया है कि सरकार मस्जिद अधिकारियों से विचार-विमर्श करने के बाद इस कदम को लागू करने की योजना बना रही है। आतंकी हमले में अब तक 40 संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसमें एक वैन चालक भी शामिल हैं, जो कथित रूप से आत्मघाती हमलों में शामिल था।

यूएनपी सांसद आशु मारासिंघे ने कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए श्रीलंका में बुर्के पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक निजी सदस्य विधेयक लाने की योजना बना रहे हैं।” इस बिल का विवरण सांसद के फेसबुक पेज पर पोस्ट किया गया है। इसमें दावा किया गया कि बुर्का मुस्लिम महिलाओं का पारंपरिक पहनावा नहीं है। इसका इस्तेमाल पुरुष के पहचान छिपाकर आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त होने के लिए किया गया है।”

चाड, कैमरून, गाबोन, मोरक्को, ऑस्ट्रिया, बुल्गारिया, डेनमार्क, फ्रांस, बेल्जियम और उत्तर पश्चिम चीन के मुस्लिम बहुल प्रांत शिनजियांग में बुर्का पहनने पर प्रतिबंध है। अक्टूबर में मुख्य रूप से इस्लामिक देश अल्जीरिया ने सार्वजनिक क्षेत्र की महिला कर्मचारियों के काम के दौरान बुर्का पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया था।

अगर श्रीलंका ऐसा करता है तो वह बुर्का पर प्रतिबंध लगाने वाले एशिया, अफ्रीका और यूरोप में शामिल हो जाएगा, जिन्होंने आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है।