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तटों पर समुद्री पानी के अलवीकरण से जल संकट दूर करने की नीति आयोग की योजना

जल संस्थान में नए स्थापित किए गए जल शक्ति मंत्रालय के साथ नीति आयोग भारत के तटीय रेखा के समानांतर 7,800 किमी तक अलवणीकरण संयंत्र स्थापित करने की योजना बना रहा है, ताकि समुद्र के पानी को पीने योग्य बनाया जा सके।

इकोनॉमिक टाइम्स  की रिपोर्ट के अनुसार, नीति आयोग की एक रिपोर्ट बताती है कि अनुमान के मुताबिक, 2021 तक 21 बड़े शहर पानी की कमी का सामना करेंगे। जल संकट भारत के लिए एक बहुत ही वास्तविक समस्या है। देश के कई राज्यों में जहाँ नदियों को जोड़ने की परियोजनाएँ चल रही हैं। वहीं, अब नीति आयोग अल्पावधि में इस मुद्दे को हल करने के लिए अलवणीकरण संयंत्र देख रहा है।

भारत में वर्तमान में चेन्नई में दो ऐसे संयंत्र चालू हैं, जो शहर की रोज़ की पानी की जरूरत के एक चौथाई हिस्से की पूर्ति करने में मदद करते हैं। शहर की 830 मिलियन लीटर प्रति दिन ज़रूरत में से 200 मिलियन लीटर प्रति दिन पानी संयंत्रों से मिलते हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने तट के पास के शहरों की माँगों को पूरा करने के लिए संयंत्रों की भी घोषणा की है।

अयोग ने कहा, ‘जल्द ही यह सुनिश्चित करने के लिए एक व्यवहार्य योजना लाई जाएगी, ताकि जल शक्ति मंत्रालय के समर्थन से देश में लागत प्रभावी संयंत्र स्थापित किए जा सकें।